MP Monsoon Report: एमपी में झमाझम बारिश का दौर जारी, किस जिले में पूरा हुआ बारिश का कोटा, कहां अभी कमी?

MP Monsoon Report

MP Monsoon Report: मध्यप्रदेश में इस साल जमकर बारिश हुई है। 1 जून से 28 अगस्त 2025 तक राज्य में कुल बारिश सामान्य से लगभग 2% ज्यादा दर्ज हुई है। पूर्वी हिस्सों में बारिश सामान्य रही है, जबकि पश्चिमी जिलों में औसत से ज्यादा पानी बरसा है।

ज्यादातर जिलों ने अपना बारिश का कोटा पूरा कर लिया है, जिससे किसानों के चेहरे खिले हैं। हालांकि, आने वाले सितंबर में और ज्यादा बारिश का अनुमान है, जो जहां खेती के लिए वरदान साबित हो सकती है, वहीं बाढ़ और जलभराव का खतरा भी बढ़ा सकती है।

  • पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश सामान्य रही है।

  • पश्चिमी मध्यप्रदेश में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

जिलों का बारिश का कोटा

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, जिला स्तर पर बारिश का कोटा (सामान्य बारिश के प्रतिशत के आधार पर) इस प्रकार है

  Location   Normal Rainfall (mm)   Actual Rainfall (mm)   Percentage (%)   Status
  भोपाल   943   980   104   अधिक
  इंदौर   950   1020   107   अधिक
  जबलपुर   1200   1150   96   सामान्य
  ग्वालियर   800   850   106   अधिक
  उज्जैन   850   900   106   अधिक
  सागर   1100   1050   95   सामान्य
  रीवा   1000   950   95   सामान्य

राज्य के 52 जिलों में से अधिकांश जिलों में 90-110% कोटा पूरा हो चुका है, हालांकि कुछ जिलों में औसत से थोड़ी कमी भी दर्ज की गई है।

खेती और जीवन पर असर

अच्छी बारिश से इस बार किसानों को फायदा हो सकता है। धान, सोयाबीन और दलहन की फसलें बेहतर होने की संभावना है। हालांकि, बारिश की अधिकता से नदी-नालों में जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है।

आगे का अनुमान

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, सितंबर 2025 में सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है।

  • पूरे राज्य में औसतन 108% LPA (लॉन्ग पीरियड एवरेज) बारिश हो सकती है।

  • सितंबर के पहले दो हफ्तों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है, खासतौर से पश्चिमी और केंद्रीय मध्यप्रदेश में।

इससे राज्य का कुल मानसून (जून से सितंबर) सामान्य से अधिक रह सकता है। यह कृषि के लिए लाभकारी होगा, लेकिन साथ ही बाढ़ और जलभराव जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं।

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